Aaj Ka Guar Bhav : ग्वार बाजार से आज जो संकेत मिल रहे हैं, वे किसानों के लिए काफी राहत देने वाले हैं। आमतौर पर जब स्थानीय मंडियों में फसल की आवक बढ़ती है तो भावों पर दबाव देखने को मिलता है, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आ रही है। ग्वार की आवक बढ़ने के बावजूद इसके दाम तेज बने हुए हैं, जिससे बाजार में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
किसानों और व्यापारियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर आवक बढ़ने के बाद भी ग्वार के भाव कमजोर क्यों नहीं पड़ रहे। मौजूदा हालात को देखें तो साफ लगता है कि ग्वार इस समय मजबूत मांग के दौर में है। यही वजह है कि मंडियों में तेजी का रुख बना हुआ है और हर नया कारोबारी दिन किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आ रहा है।
ग्वार बाजार में तेजी की बड़ी वजह
ग्वार के भावों में बनी मजबूती के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं। सबसे पहला कारण है सीमित स्टॉक। बीते सीजन में उत्पादन उम्मीद से कम रहा, जिससे बाजार में पहले से ही ग्वार की उपलब्धता सीमित है। दूसरी ओर, ग्वार गम और उससे जुड़े उद्योगों की मांग लगातार बनी हुई है। निर्यात से जुड़े ऑर्डर और घरेलू खपत दोनों ही बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं।

आवक बढ़ी, लेकिन दबाव नहीं
स्थानीय मंडियों में इन दिनों ग्वार की आवक सामान्य से बेहतर देखने को मिल रही है। इसके बावजूद भावों में गिरावट नहीं आना यह दर्शाता है कि खरीदार हर स्तर पर सक्रिय हैं। व्यापारी भविष्य में और तेजी की उम्मीद में माल उठा रहे हैं, जिससे आवक का दबाव भावों पर असर नहीं डाल पा रहा है। यही कारण है कि बाजार में स्थिरता के साथ तेजी बनी हुई है।
आज का ताजा ग्वार मंडी भाव
अगर आज के ताजा मंडी भाव की बात करें तो ग्वार एक मजबूत दायरे में कारोबार कर रहा है। अलग-अलग मंडियों में क्वालिटी और नमी के अनुसार भावों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है। वर्तमान में ग्वार का न्यूनतम भाव लगभग ₹5800 प्रति क्विंटल चल रहा है, जबकि अच्छी क्वालिटी का ग्वार अधिकतम ₹6200 प्रति क्विंटल तक बिकता नजर आ रहा है। इन भावों से साफ है कि ग्वार फिलहाल मजबूत स्थिति में बना हुआ है और बाजार में कमजोरी के संकेत नहीं हैं।
ग्वार के तेज बने भावों ने किसानों का भरोसा काफी हद तक बढ़ा दिया है। जिन किसानों ने फसल को स्टोर करके रखा था, उन्हें अब बेहतर दाम मिलने लगे हैं। वहीं कई किसान मौजूदा भावों को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से बिक्री करने की योजना बना रहे हैं ताकि भावों में संभावित आगे की तेजी का भी फायदा लिया जा सके।
आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख
बाजार जानकारों का मानना है कि अगर मांग इसी तरह बनी रही और आवक में अचानक बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई, तो ग्वार के भाव फिलहाल मजबूत बने रह सकते हैं। हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण हल्का उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन बड़ी गिरावट की आशंका कम जताई जा रही है।
इस समय किसानों के लिए सबसे बेहतर रणनीति संतुलन बनाकर चलने की मानी जा रही है। पूरी फसल एक साथ बेचने के बजाय थोड़ा-थोड़ा माल निकालना जोखिम को कम कर सकता है। साथ ही रोजाना मंडी अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है ताकि सही समय पर सही फैसला लिया जा सके।